About Rajkamal Saraswati Vidya Mandir

राजकमल सरस्वती विद्या मन्दिर

An Introduction

राजकमल सरस्वती विद्या मन्दिर का धनबाद के शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान है । 

आज विद्यालय का वर्तमान स्वरूप सभी आधुनिकतम सुविधाओं के साथ सुसज्जित है ।

इस विद्यालय का संचालन बाल कल्याण समिति, धनबाद जिला द्वारा होता है । यह विद्यालय विद्या विकास समिति, झारखण्ड (विद्या भारती अखिल भारतीय षिक्षा संस्थान, नई दिल्ली) से सम्बद्ध है तथा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली (C.B.S.E.) से कक्षा द्वादष तक मान्यता प्राप्त है ।

इसकी स्थापना अपने ज्येश्ठ पुत्र स्वर्गीय राजकमल अग्रवाला की पुण्य-स्मृति में गुरू पूर्णिमा विक्रम सम्वत् 2035 तद्नुसार 20 जुलाई, 1978 को धनबाद के प्रतिश्ठित व्यवसायी स्वर्गीय राममोहन अग्रवाला जी के द्वारा दान स्वरूप दी गयी तीन एकड़ भूमि से हुई । बाद में स्वर्गीय मदनलाल अग्रवाला जी जैसे व्यक्तित्व की प्रेरणा एवं मार्गदर्षन से इस विद्यालय की उक्तरोक्तर प्रगति हुई । विद्यालय के आधारभूत निर्माण से लेकर अब तक के सफर में डाँ. परमानन्द गुटगुटिया जी का विषेश योगदान रहा । 1992 से बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री कमल नयन दुदानी तथा मंत्री श्री श्याम सुन्दर चैधरी के अथक प्रयासों के फलस्वरूप् कम्प्यूटर कक्ष, वरिष्ठ कक्षा भवन, अत्याधुनिक प्रयोगषालाओं का निर्माण हुआ । तदुपरान्त 1996 से 27 अप्रैल 2002 तक बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष स्वर्गीय संतोश कुमार अग्रवाला जी के एवं तत्पष्चात् 28 अप्रैल 2002 से श्री ष्याम सुन्दर चैधरी जी के सान्न्ध्यि में विद्यालय उक्तरोक्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है । आज कोयलांचल ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण झारखण्ड में विद्यालय का एक अपना गौरवपूर्ण स्थान है ।